अकेली: NBSE Class 10 Alternative Hindi (हिन्दी) notes
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सारांश (Summary)
“अकेली” (Akeli) कहानी मन्नू भण्डारी (Mannu Bhandari) द्वारा लिखी गई है। यह कहानी एक वृद्ध महिला सोमा बुआ के एकाकी जीवन पर आधारित है। उनके इकलौते पुत्र की मृत्यु हो चुकी है और पति भी उन्हें छोड़कर सन्यास ले चुके हैं, जिससे वे पूरी तरह अकेली हो गई हैं। पति साल में एक बार एक महीने के लिए आते हैं, लेकिन उनके आने से भी सोमा बुआ को कोई खुशी नहीं मिलती। पति का स्नेहहीन व्यवहार सोमा बुआ को और अधिक अकेला कर देता है। अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए सोमा बुआ पड़ोस के कामों में दिलचस्पी लेती हैं और हर अवसर पर मदद करने की कोशिश करती हैं, जिससे उन्हें अपने अकेलेपन से थोड़ी राहत मिलती है।
कहानी की शुरुआत में सोमा बुआ अपने पति से कहासुनी के बाद बड़बड़ा रही हैं। उनके मन की बात यह है कि उनके पति को उनका दूसरों के घर काम करने जाना अच्छा नहीं लगता। लेकिन सोमा बुआ के लिए यह काम उनके अकेलेपन को दूर करने का एक साधन बन गया है। सोमा बुआ का मुख्य दुःख तब सामने आता है जब उनका समधी उन्हें एक शादी में आमंत्रित नहीं करता, जबकि सोमा बुआ को पूरा विश्वास था कि उन्हें बुलाया जाएगा। इस बात ने सोमा बुआ के मन को गहरा आघात पहुँचाया, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस करती हैं।
कहानी में एक महत्वपूर्ण प्रसंग तब आता है जब सोमा बुआ अपने समधी की शादी के लिए तैयारियाँ करती हैं। वे अपने बेटे की आखिरी निशानी, एक अंगूठी, तक बेचने को तैयार हो जाती हैं ताकि समधी के यहाँ जाने के लिए उचित उपहार खरीद सकें। यह प्रसंग सोमा बुआ के मनोभावों और उनके अकेलेपन की गहराई को दर्शाता है। उनके लिए यह शादी केवल एक सामाजिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी खोई हुई पहचान को फिर से पाने का अवसर था।
कहानी के अंत में सोमा बुआ को बुलावा नहीं आता। इस अस्वीकार्यता और उपेक्षा से वे पूरी तरह टूट जाती हैं। उन्होंने अपनी साड़ी, उपहार और अन्य चीजें बड़े जतन से तैयार की थीं, लेकिन बुलावा न आने के कारण वे अपने सारे सामान को सन्दूक में रख देती हैं और चुपचाप अपने अकेलेपन में लौट जाती हैं। इस तरह, सोमा बुआ का जीवन एकाकीपन और सामाजिक उपेक्षा से भरा हुआ है, और उनका संघर्ष अपने अस्तित्व और पहचान को बनाए रखने का है।
इस कहानी में अकेलेपन का रूपक बहुत सशक्त है। सोमा बुआ का हर छोटी-बड़ी चीजों से जुड़ाव उनके मन के खालीपन को भरने का प्रयास है, लेकिन अंत में वे फिर से उसी खालीपन में लौट आती हैं। कहानी का यह रूपक समाज में उन लोगों की ओर इंगित करता है जो अकेलेपन और उपेक्षा का सामना करते हैं, लेकिन उनके पास समाज से जुड़ने के सीमित साधन होते हैं।
पाठ्य प्रश्न और उत्तर (textual questions and answers)
प्रश्न और अभ्यास
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये
1. वर्ष में केवल एक महीने के लिए पति के घर आने पर सोमा बुआ का जीवन और भी अधिक दूभर क्यों हो जाता था?
उत्तर: जब पति घर आते थे, तो उनके स्नेहहीन व्यवहार के कारण सोमा बुआ का मन और भी मुर्झा जाता था। पति की उपस्थिति में उनका घूमना-फिरना, मिलना-जुलना बन्द हो जाता था। उनके रोजमर्रा के जीवन की स्वच्छन्द धारा पर अंकुश लग जाता था, जिससे वह और अधिक अकेलापन महसूस करती थीं।
2. किस ललक ने सोमा बुआ को अपने मृत पुत्र की एकमात्र निशानी बेचने को विवश कर दिया?
उत्तर: समधी के यहाँ होने वाले विवाह में सम्मिलित होने और वहाँ कुछ भेंट देने की ललक ने सोमा बुआ को अपने मृत पुत्र की एकमात्र निशानी, अँगूठी, बेचने को विवश कर दिया।
3. सोमा बुआ हाथों की लाल चूड़ियों को साड़ी के आँचल में छुपाने का प्रयत्न क्यों कर रही थीं?
उत्तर: सोमा बुआ अपने हाथ की भद्दी, मटमैली चूड़ियों को देखकर शर्मिन्दा थीं। उन्होंने नयी लाल-हरी चूड़ियाँ खरीदीं, परन्तु अपनी गरीबी के कारण उन्हें पूरे दिन साड़ी के आँचल से ढके ढके रखती रहीं, ताकि कोई उन्हें देख न ले।
4. समधी के यहाँ विवाह में भाग लेने के लिए सोमा बुआ ने क्या-क्या तैयारियाँ कीं?
उत्तर: सोमा बुआ ने विवाह में भाग लेने के लिए एक साड़ी रँगी, चाँदी की सिन्दूरदानी खरीदी, एक नयी थाली निकाली, क्रोशिये का मेजपोश सजाया, और थोड़े बताशे और नारियल को सजाकर विवाह के लिए तैयार किया।
5. समधी की ओर से निमन्त्रण न मिलने पर बुआ के मन पर क्या गुजरी, कल्पना करके लिखिये।
उत्तर: समधी की ओर से निमन्त्रण न मिलने पर सोमा बुआ का मन बहुत दुखी हुआ। उन्होंने पूरे उत्साह से विवाह की तैयारी की थी, परन्तु जब बुलावा नहीं आया, तो वह निराश हो गयीं। धीरे-धीरे उन्हें यह अहसास हुआ कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया। यह सोचकर उनके दिल को ठेस पहुँची, और वह उदास होकर अँगीठी जलाने लगीं, और उनके मन में निराशा छा गयी।
निम्नलिखित वाक्यांशों की सन्दर्भ सहित सप्रसंग व्याख्या कीजिये
1. “पिछले बीस वर्षों से उनके जीवन की इस एकरसता में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं हुआ।”
उत्तर: सन्दर्भ: यह वाक्यांश मन्नू भंडारी द्वारा लिखित कहानी “अकेली” से लिया गया है।
प्रसंग: इस वाक्य में लेखक ने सोमा बुआ के जीवन की एकरसता को व्यक्त किया है। पति और बेटे के बिछड़ने के बाद वह नितांत अकेली हो गई हैं।
व्याख्या: इस वाक्य में सोमा बुआ के जीवन में बीते 20 वर्षों के दौरान किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं आया है। उनके जीवन में कोई विशेष गतिविधि नहीं रही और वे अकेलेपन के साथ संघर्ष करती रही हैं। उनका जीवन बिना किसी घटनाक्रम के शांत और उदास बना हुआ है। लेखक ने यहां सोमा बुआ के जीवन के ठहराव को दर्शाया है, जहां न कोई रिश्तेदारी बची और न ही कोई खुशी, बस अकेलापन और निर्जीवता।
2. “मैं तो इनसे कहती हूँ कि जब पल्ला पकड़ा है, तो अन्त समय में भी साथ ही रखो सो तो इनसे होता ही नहीं है।”
उत्तर: सन्दर्भ: यह वाक्यांश मन्नू भंडारी द्वारा लिखित कहानी “अकेली” से लिया गया है।
प्रसंग: इस वाक्य में सोमा बुआ अपने पति से अपने जीवन के अकेलेपन और उनकी उपेक्षा के बारे में बात कर रही हैं।
व्याख्या: सोमा बुआ अपने पति से शिकायत कर रही हैं कि जब विवाह के समय उनका पल्ला पकड़ा था, तब से अब तक उन्हें साथ निभाने की अपेक्षा थी। लेकिन उनके पति ने उन्हें जीवन भर अकेला छोड़ दिया। यहां सोमा बुआ पति के साथ की कमी और उनकी जिम्मेदारियों से भागने का दर्द व्यक्त कर रही हैं। यह वाक्य उनके जीवन में पति के अभाव और अकेलेपन की पीड़ा को दर्शाता है।
3. “मुझे क्या बावली ही समझ रखा है, जो बिना बुलाये चली जाऊँगी।”
उत्तर: सन्दर्भ: यह वाक्यांश मन्नू भंडारी द्वारा लिखित कहानी “अकेली” से लिया गया है।
प्रसंग: सोमा बुआ को समधी के घर होने वाले विवाह समारोह में बुलावे का इंतजार था, और जब बुलावा नहीं आया, तो उन्होंने यह बात कही।
व्याख्या: सोमा बुआ यह वाक्य तब कहती हैं जब उन्हें यकीन था कि उन्हें विवाह में बुलावा आएगा। वे यह बताना चाहती हैं कि वे इतनी मूर्ख नहीं हैं कि बिना निमंत्रण के किसी समारोह में चली जाएं। इस वाक्य में उनका स्वाभिमान और दर्द दोनों झलकते हैं, क्योंकि वह अपने पुराने रिश्तों के टूटने का सामना कर रही हैं। लेखक ने सोमा बुआ की स्थिति और उनके आहत मनोभाव को इस वाक्य के माध्यम से स्पष्ट किया है।
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिये
सदमा
उत्तर: गहरे दुःख या चोट को सदमा कहते हैं।
वाक्य: पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर उसे गहरा सदमा लगा।
एकरसता
उत्तर: लगातार एक जैसे कार्यों या घटनाओं की पुनरावृत्ति को एकरसता कहते हैं।
वाक्य: उसके जीवन में पिछले कई वर्षों से केवल एकरसता ही थी।
अंकुश
उत्तर: नियंत्रण या रोक को अंकुश कहते हैं।
वाक्य: सरकार ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए।
सरककर
उत्तर: धीरे-धीरे खिसकते हुए या स्थानांतरित होकर।
वाक्य: वह कुर्सी से सरककर नीचे गिर पड़ा।
आक्रोश
उत्तर: गुस्सा या क्रोध।
वाक्य: अपने बेटे के साथ हुए अन्याय पर वह आक्रोश व्यक्त करने लगा।
पुलकित
उत्तर: बहुत प्रसन्न या उत्साहित होना।
वाक्य: पुरस्कार की घोषणा सुनकर वह पुलकित हो उठा।
पास-पड़ोस के काम-काज में बुआ बड़े उत्साह से क्यों भाग लेती थी ?
सही उत्तर के आगे (✓) का निशान लगाइये –
(क) उन्हें इन कामों में बड़ा मज़ा आता था।
(ख) इससे उनकी उदासी और अकेलापन दूर हो जाता था।
(ग) लोगों से उन्हें प्रशंसा मिलती थी।
(घ) नाते-रिश्तेदार का निर्वाह हो जाता था ।
उत्तर: (ख) इससे उनकी उदासी और अकेलापन दूर हो जाता था।
पाठ के आधार पर खाली स्थानों को भरिये
(क) आजकल सोमा बुआ ………… आये हुए हैं।
उत्तर: आजकल सोमा बुआ के पति आये हुए हैं।
(ख) सोमा बुआ के परिवार में कोई ऐसा सदस्य नहीं था जो उनके ………… को दूर करता।
उत्तर: सोमा बुआ के परिवार में कोई ऐसा सदस्य नहीं था जो उनके एकाकीपन को दूर करता।
(ग) बेचारे इतने ……….. में बुलाना भूल गये तो मैं भी मान करके बैठ जाती।
उत्तर: बेचारे इतने हंगामे में बुलाना भूल गये तो मैं भी मान करके बैठ जाती।
(घ) कोई ……….. भर बाद बुआ बड़ी प्रसन्न मन से आयीं।
उत्तर: कोई सप्ताह भर बाद बुआ बड़ी प्रसन्न मन से आयीं।
(ङ) दूसरे दिन ……….. बजते-बजते खाने का काम समाप्त कर डाला।
उत्तर: दूसरे दिन नौ बजते-बजते खाने का काम समाप्त कर डाला।
अभ्यास प्रश्न
1. समास किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।
उत्तर: समास दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बनने वाला नया शब्द है, जिसमें शब्दों के बीच के विभक्तियों को हटा दिया जाता है। इसे समास कहा जाता है। उदाहरण:
राजा का पुत्र = राजपुत्र
नीली गाय = नीलगाय
2. समास के नाम बताइये और उदाहरण दीजिये।
उत्तर: समास के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:
- द्वन्द्व समास: इसमें दोनों शब्दों का समान महत्व होता है। उदाहरण: रात-दिन (रात और दिन)
- द्विगु समास: इसमें पहला शब्द संख्या को दर्शाता है। उदाहरण: चौराहा (चार राहें)
- तत्पुरुष समास: इसमें पहला शब्द प्रधान होता है और दूसरा शब्द उसका अर्थ स्पष्ट करता है। उदाहरण: राजपुत्र (राजा का पुत्र)
- कर्मधारय समास: इसमें दोनों शब्द एक ही वस्तु के गुण को दर्शाते हैं। उदाहरण: नीलगाय (नीली गाय)
- बहुब्रीहि समास: इसमें दोनों शब्द मिलकर किसी तीसरे का बोध कराते हैं। उदाहरण: दशानन (जिसके दस मुख हों)
- अव्ययीभाव समास: इसमें पहला शब्द अव्यय होता है। उदाहरण: यथासमय (समय के अनुसार)
3. नीचे दिये गये मुहावरों के युग्म एक-दूसरे के विपरीत अर्थवाले हैं। इनका अर्थ समझिये और सही सन्दर्भ में वाक्यों में इनका प्रयोग कीजिये।
उत्तर:
- आँखें खुलना: सचेत होना या सही स्थिति का पता चलना
उदाहरण: सच सामने आते ही उसकी आँखें खुल गईं। - नाक कटना: अपमानित होना
उदाहरण: गलत काम करने से उसकी नाक कट गई। - अकल पर पर्दा पड़ना: सही निर्णय न ले पाना
उदाहरण: अचानक हुई घटना से उसकी अकल पर पर्दा पड़ गया। - चेहरा मुर्झाना: उदास या चिंतित होना
उदाहरण: परिणाम सुनते ही उसका चेहरा मुर्झा गया। - नाक रखना: सम्मान बचाना
उदाहरण: उसने अपने अच्छे व्यवहार से नाक रख ली। - बात बन जाना: स्थिति का सही ढंग से हल होना
उदाहरण: तुम्हारे सहयोग से बात बन गई। - चेहरा खिलना: प्रसन्नता का भाव प्रकट होना
उदाहरण: जीत की खबर सुनकर उसका चेहरा खिल उठा। - बात बिगड़ जाना: समस्या या झगड़ा उत्पन्न होना
उदाहरण: उनके बीच थोड़ी सी बात पर बात बिगड़ गई।
4. निम्नलिखित शब्दों का समास विग्रह कीजिये।
नवरत्न, नीलाकाश, परमेश्वर, दाल-रोटी, चौराहा, अमृतधारा, तुलसीकृत, जन्मान्ध, जीवन्मुक्त, रसोईघर
उत्तर:
- नवरत्न = नौ रत्न
- नीलाकाश = नीला आकाश
- परमेश्वर = परम ईश्वर
- दाल-रोटी = दाल और रोटी
- चौराहा = चार राहें
- अमृतधारा = अमृत की धारा
- तुलसीकृत = तुलसी द्वारा किया हुआ
- जन्मान्ध = जन्म से अंधा
- जीवन्मुक्त = जीवन में मुक्त
- रसोईघर = रसोई का घर
5. निम्नलिखित का समासबद्ध कीजिये।
शक्ति के अनुसार, अल्प है बुद्धि जिसकी, पथ से भ्रष्ट, तीन वेणियों का समूह, राह के लिए खर्च।
उत्तर:
- शक्ति के अनुसार = यथाशक्ति
- अल्प है बुद्धि जिसकी = अल्पबुद्धि
- पथ से भ्रष्ट = भ्रष्टपथ
- तीन वेणियों का समूह = त्रिवेणी
- राह के लिए खर्च = पथव्यय
6. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध कीजिये।
(क) तेरे को पिता जी ने तुरन्त बुलाया है।
(ख) हमारे से कोई काम नहीं हो सकता।
(ग) यह बात राम को पूछो।
(घ) उनके माता जी दिल्ली में रहते हैं।
(ङ) वह रोता-रोता हँसने लगा।
(च) तुम तुम्हारे घर चले जाओ।
(छ) यहाँ नहीं लिखो।
(ज) गाँधी जी पक्के ईश्वर के भक्त थे।
(झ) उसने बम्बई जाना है।
(ञ) यह योजना दस आदमी के लिए है।
उत्तर: (क) तुझे पिता जी ने तुरन्त बुलाया है।
(ख) हमसे कोई काम नहीं हो सकता।
(ग) यह बात राम से पूछो।
(घ) उनकी माता जी दिल्ली में रहती हैं।
(ङ) वह रोते-रोते हँसने लगा।
(च) तुम अपने घर चले जाओ।
(छ) यहाँ मत लिखो।
(ज) गाँधी जी पक्के ईश्वर भक्त थे।
(झ) उसे बम्बई जाना है।
(ञ) यह योजना दस आदमियों के लिए है।
अतिरिक्त (extras)
प्रश्न और उत्तर (questions and answers)
1. ‘अकेली’ कहानी की नायिका कौन है और उसकी स्थिति क्या है?
उत्तर: ‘अकेली’ एक मनोवैज्ञानिक कहानी है जिसकी नायिका सोमा बुआ है। उसके एकमात्र पुत्र का निधन हो जाता है, जिससे वह नितान्त अकेली हो जाती है। पति को पुत्र-वियोग का ऐसा सदमा लगता है कि वे पत्नी और घर-बार तजकर तीर्थवासी हो जाते हैं। परिवार में कोई ऐसा सदस्य नहीं है जो उनके एकाकीपन को दूर कर सके। पिछले बीस वर्षों से उनके जीवन की इस एकरसता में कोई परिवर्तन नहीं आया है। सोमा बुआ अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए पास-पड़ोस के काम-काज में सक्रिय होकर समय बिताने का प्रयास करती है।
2. सोमा बुआ के पति का व्यवहार उनके प्रति कैसा था?
उत्तर: सोमा बुआ के पति साल में एक महीने के लिए घर आते थे, परंतु उन्होंने कभी पति की प्रतीक्षा नहीं की। जब तक पति रहते, उनका मन और भी मुरझाया हुआ रहता। पति के स्नेहहीन व्यवहार का अंकुश उनके रोजमर्रा के जीवन की अबाध गति से बहती स्वच्छंद धारा को कुंठित कर देता। उस समय उनका घूमना-फिरना, मिलना-जुलना बंद हो जाता। संन्यासी जी महाराज से यह भी नहीं होता था कि दो मीठे बोल बोलकर सोमा बुआ को एक ऐसा संबल दे दें, जिसका आसरा लेकर वे उनके वियोग के ग्यारह महीने काट जाएं।
3. सोमा बुआ अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए क्या करती थीं?
उत्तर: सोमा बुआ अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए आस-पासवालों के भरोसे अपनी ज़िंदगी काटती थीं। किसी के घर मण्डन हो, छठी हो, जनेऊ हो, शादी हो या गमी, बुआ पहुँच जातीं और फिर छाती फाड़कर काम करतीं। मानो वे दूसरे के घर में नहीं, अपने ही घर में काम कर रही हों। वे पास-पड़ोस के हर कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेती थीं और दूसरों के साथ मिलकर अपना समय बिताती थीं, जिससे उनका अकेलापन कुछ कम हो जाता था।
4. सोमा बुआ और उनके पति के बीच किस बात को लेकर कहा-सुनी हुई?
उत्तर: सोमा बुआ और उनके पति के बीच इस बात को लेकर कहा-सुनी हुई कि सोमा बुआ बिना बुलाए दूसरों के घर में जाकर टाँग अड़ाती फिरती हैं। विशेष रूप से, जब वे चौकवाले किशोरीलाल के बेटे के मुण्डन में बिना बुलाए चली गईं। पति को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। वे कहते हैं कि सोमा बुआ जबरदस्ती दूसरों के घर में हस्तक्षेप करती हैं। इस पर सोमा बुआ को बहुत दुख होता है, क्योंकि वे इसे अपनेपन का मामला मानती हैं और दूसरों की मदद करना अपना कर्तव्य समझती हैं।
5. सोमा बुआ को अपने समधी के घर होने वाले विवाह समारोह का पता चलने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर: अपने समधी के घर होने वाले विवाह समारोह का पता चलने पर सोमा बुआ बहुत प्रसन्न हुईं। वे कहती हैं कि समधी उन्हें बुलाए बिना नहीं मानेंगे और वे भी खाली हाथ नहीं जाएँगी। वे उत्साह से तैयारियाँ करने लगीं, जैसे कि उपहार खरीदना, साड़ी रंगना और समारोह में जाने की तैयारी करना। उन्होंने अपने मृत पुत्र की एकमात्र निशानी, उसकी अंगूठी, भी बेच दी ताकि उपहार खरीद सकें। उन्हें पूरा विश्वास था कि उन्हें बुलावा आएगा और वे इस अवसर के लिए बहुत उत्सुक थीं।
6. सोमा बुआ ने विवाह समारोह के लिए क्या तैयारियाँ कीं?
उत्तर: विवाह समारोह के लिए सोमा बुआ ने कई तैयारियाँ कीं:
- अपने पास से पाँच रुपये और पुत्र की अंगूठी देकर राधा भाभी से उपहार खरीदने को कहा, जिसमें चाँदी की सिन्दूरदानी, एक साड़ी और एक ब्लाउज का कपड़ा शामिल था।
- एक रुपये का पीला रंग लाकर रात में साड़ी रंगी, क्योंकि शादी में सफेद साड़ी पहनकर जाना अच्छा नहीं लगता।
- काँच की नई चूड़ियाँ खरीदीं और पहन लीं।
- थाली में साड़ी, सिन्दूरदानी, एक नारियल और थोड़े-से बताशे सजाए।
- अपने क्रोशिये से बुने हुए मेजपोश से थाली को सजाया।
उन्होंने पूरे उत्साह से तैयारी की ताकि समधियों के यहाँ जाने पर उनकी शोभा बनी रहे।
7. सोमा बुआ को जब विवाह समारोह का बुलावा नहीं आया तो उनका मनोभाव कैसा था?
उत्तर: जब विवाह समारोह का बुलावा नहीं आया, तो सोमा बुआ का मनोभाव अत्यंत दुखी और निराशाजनक था। वे छत पर खड़ी होकर गली की ओर नजर लगाए बुलावे की प्रतीक्षा करती रहीं। समय बीतने के साथ उनकी उम्मीदें टूटने लगीं। शाम होने पर भी जब कोई बुलावा नहीं आया, तो वे समझ गईं कि उन्हें नहीं बुलाया गया है। उनका चेहरा उदासी से भर गया, और उन्होंने धीरे-धीरे सारी तैयारियाँ समेट लीं। उन्होंने साड़ी तह करके रख दी, चूड़ियाँ उतार दीं और थाली में सजे उपहारों को सन्दूक में रख दिया। अंत में, वे बुझी हुई दिल से अँगीठी जलाने लगीं।
8. सोमा बुआ के पति का साल में एक महीने के लिए घर आने पर सोमा बुआ का मनोभाव कैसा रहता था?
उत्तर: सोमा बुआ के पति जब साल में एक महीने के लिए घर आते थे, तो सोमा बुआ का मन और भी मुरझाया हुआ रहता था। पति के स्नेहहीन व्यवहार के कारण उनका घूमना-फिरना, मिलना-जुलना बंद हो जाता था। संन्यासी जी महाराज से यह भी नहीं होता था कि दो मीठे बोल बोलकर सोमा बुआ को एक ऐसा संबल दे दें, जिसका आसरा लेकर वे उनके वियोग के ग्यारह महीने काट जातीं। इस दौरान वे अधिक उदास और कुंठित महसूस करती थीं।
9. सोमा बुआ के पति ने उनके सामाजिक गतिविधियों पर क्या प्रतिक्रिया दी और इसका सोमा बुआ पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: सोमा बुआ के पति को उनके सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना अच्छा नहीं लगता था। वे कहते थे कि सोमा बुआ जबरदस्ती दूसरों के घर में टाँग अड़ाती फिरती हैं। इस पर सोमा बुआ को बहुत दुख होता था। पति की नाराजगी और कटु वचनों से वे आहत होती थीं। यह उनके मन पर गहरा प्रभाव डालता था, जिससे वे रो पड़ती थीं। उनके पति का यह रवैया उनके आत्मसम्मान को चोट पहुँचाता था और उनके अकेलेपन को और बढ़ा देता था।
10. कहानी में ‘अकेली’ शीर्षक का क्या महत्व है?
उत्तर: कहानी में ‘अकेली’ शीर्षक का गहरा महत्व है। यह सोमा बुआ के जीवन की वास्तविकता को दर्शाता है। अपने पुत्र और पति से वियोग के कारण वे नितांत अकेली हैं। पति के जीवित होते हुए भी उनके बीच कोई भावनात्मक संबंध नहीं है। समाज में रहते हुए भी वे स्वयं को अलग-थलग महसूस करती हैं। उनकी अकेलापन उनकी हर क्रिया और मनोभाव में झलकता है। शीर्षक ‘अकेली’ उनके आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार के एकांत को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करता है।
11. सोमा बुआ ने अपनी मृत पुत्र की अंगूठी क्यों बेच दी और इसका उनके मन पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: सोमा बुआ ने अपनी मृत पुत्र की अंगूठी इसलिए बेच दी ताकि वे समधियों के विवाह समारोह के लिए उपहार खरीद सकें। यह अंगूठी उनके पुत्र की एकमात्र निशानी थी और उनके लिए अत्यंत मूल्यवान थी। अंगूठी बेचते समय उनका दिल धड़क गया, पर उन्होंने समधियों के यहाँ खाली हाथ जाने की शर्मिंदगी से बचने के लिए यह त्याग किया। अंगूठी बेचने का गम भी उनके उत्साह के सामने फीका पड़ गया था। लेकिन जब बुलावा नहीं आया, तो यह त्याग उनके मन में और भी पीड़ा का कारण बन गया।
12. कहानी के अंत में सोमा बुआ की मानसिक अवस्था कैसी थी?
उत्तर: कहानी के अंत में सोमा बुआ की मानसिक अवस्था अत्यंत दुखी और निराशाजनक थी। जब उन्हें समझ आया कि समधियों का बुलावा नहीं आएगा, तो उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। उन्होंने धीरे-धीरे सारी तैयारियाँ समेट लीं, साड़ी तह करके रख दी, चूड़ियाँ उतार दीं और उपहारों को सन्दूक में बंद कर दिया। उनका मन बुझ गया था, और वे अँगीठी जलाने लगीं। यह दृश्य उनके टूटे हुए दिल और अकेलेपन को दर्शाता है, जहाँ सारी खुशियाँ और उम्मीदें धूमिल हो जाती हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. सोमा बुआ का बेटा कब गुजर गया?
(क) एक साल पहले
(ख) पाँच साल पहले
(ग) पच्चीस साल पहले
(घ) बीस साल पहले
उत्तर: (घ) बीस साल पहले
2. सोमा बुआ के पति किस कारण से तीरथवासी बन गए?
(क) घर की समस्याओं के कारण
(ख) पुत्र-वियोग के कारण
(ग) आर्थिक तंगी के कारण
(घ) समाज के दबाव के कारण
उत्तर: (ख) पुत्र-वियोग के कारण
3. सोमा बुआ किस जगह के विवाह में बुलावे की उम्मीद कर रही थीं?
(क) किशोरीलाल के बेटे का विवाह
(ख) देवर जी के ससुराल की लड़की का विवाह
(ग) उनके समधी के बेटे का विवाह
(घ) उनके भाई की बेटी का विवाह
उत्तर: (ख) देवर जी के ससुराल की लड़की का विवाह
4. सोमा बुआ के पति साल में कितने महीने हरिद्वार रहते हैं?
(क) ग्यारह महीने
(ख) नौ महीने
(ग) छह महीने
(घ) तीन महीने
उत्तर: (क) ग्यारह महीने
5. सोमा बुआ ने अपने किस रिश्तेदार के घर के काम में बहुत योगदान दिया?
(क) भाई
(ख) समधी
(ग) किशोरीलाल
(घ) देवर जी
उत्तर: (ग) किशोरीलाल
6. सोमा बुआ के पास कितने रुपये थे, जिन्हें वह विवाह के लिए इस्तेमाल करना चाहती थीं?
(क) सात रुपये
(ख) पाँच रुपये
(ग) दस रुपये
(घ) तीन रुपये
उत्तर: (क) सात रुपये
7. सोमा बुआ ने किस चीज को बेचने का निर्णय लिया?
(क) साड़ी
(ख) अँगूठी
(ग) गहने
(घ) चूड़ियाँ
उत्तर: (ख) अँगूठी
8. सोमा बुआ ने किस रंग की चूड़ियाँ खरीदीं?
(क) हरी
(ख) लाल
(ग) नीली
(घ) लाल-हरी
उत्तर: (घ) लाल-हरी
9. सोमा बुआ ने विवाह के लिए किस प्रकार की साड़ी रँगी?
(क) पीली
(ख) सफेद
(ग) लाल
(घ) हरी
उत्तर: (क) पीली
10. विवाह का मुहूरत कितने बजे का था?
(क) सात बजे
(ख) तीन बजे
(ग) पाँच बजे
(घ) चार बजे
उत्तर: (ग) पाँच बजे
11. सोमा बुआ की कौन सी निशानी उनके बेटे से जुड़ी थी?
(क) अँगूठी
(ख) घड़ी
(ग) फोटो
(घ) साड़ी
उत्तर: (क) अँगूठी
12. सोमा बुआ ने किस वस्तु को विवाह में उपहार देने के लिए खरीदा?
(क) सिन्दूरदानी
(ख) चूड़ियाँ
(ग) गहने
(घ) मिठाई
उत्तर: (क) सिन्दूरदानी
13. सोमा बुआ ने विवाह के लिए किस सामग्री को अपनी थाली में सजाया?
(क) सिन्दूरदानी और मिठाई
(ख) साड़ी, सिन्दूरदानी, नारियल
(ग) कपड़े और गहने
(घ) चूड़ियाँ और नारियल
उत्तर: (ख) साड़ी, सिन्दूरदानी, नारियल
14. सोमा बुआ की किस चीज़ की चमक राधा भाभी ने न आने का कारण बताया?
(क) साड़ी
(ख) चूड़ियाँ
(ग) गहने
(घ) मेजपोश
उत्तर: (क) साड़ी
15. विवाह में बुलावा न आने पर सोमा बुआ किस समय तक इंतजार करती रहीं?
(क) तीन बजे तक
(ख) पाँच बजे तक
(ग) सात बजे तक
(घ) चार बजे तक
उत्तर: (ग) सात बजे तक