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भगवान् के डाकिये: NBSE Class 9 Alternative Hindi (हिन्दी)

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Get notes, summary, questions and answers, MCQs, extras, and PDFs of Chapter 5 “भगवान् के डाकिये (Bhagwan ke Daakiye)” which is part of Nagaland Board (NBSE) Class 9 Alternative Hindi answers. However, the notes should only be treated as references and changes should be made according to the needs of the students.

सारांश (Summary)

भगवान् के डाकिये (Bhagwan ke Daakiye) कविता के लेखक रामधारीसिंह ‘दिनकर’ (Ramdhari Singh ‘Dinkar’) हैं। इस कविता में कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिये के रूप में प्रस्तुत किया है। कवि कहते हैं कि ये पक्षी और बादल एक महादेश से दूसरे महादेश तक जाते हैं, और हम मनुष्य भले ही उनकी लायी हुई चिट्ठियों को समझ न पाएं, लेकिन प्रकृति के पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ उन चिट्ठियों को पढ़ लेते हैं।

कवि इस कविता में पर्यावरण और प्राकृतिक तत्वों के बीच हो रहे आदान-प्रदान को बड़ी सरलता से समझाते हैं। जब एक देश की धरती से सुगंध उड़ती है, तो वह हवा में तैरकर पक्षियों की पंखों पर सवार होकर दूसरे देश तक पहुंचती है। उसी तरह, एक देश का भाप उठकर दूसरे देश में जाकर पानी के रूप में बरसता है। इस प्रकार से, कवि यह बताने का प्रयास करते हैं कि प्रकृति के सभी तत्व आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, और यह संबंध किसी इंसानी डाक व्यवस्था से कहीं अधिक सूक्ष्म और महत्वपूर्ण है।

कवि ने प्रकृति को एक बड़ा पाठक बताया है, जो पक्षियों और बादलों द्वारा लायी चिट्ठियों को समझता है, जबकि हम मनुष्य केवल यह देख पाते हैं कि एक देश की धरती दूसरे देश को खुशबू भेज रही है, या भाप पानी बनकर गिरता है। इस प्रकार, कविता में पक्षी और बादल के माध्यम से प्रकृति के आपसी संबंधों और संदेशों को उजागर किया गया है, जिन्हें मनुष्य नहीं समझ सकता, परंतु प्रकृति के अन्य घटक भली-भांति समझते हैं।

पंक्ति दर पंक्ति (Line by line) स्पष्टीकरण

पक्षी और बादल
ये भगवान् के डाकिये हैं

पक्षी और बादल को भगवान के डाकिये कहा गया है। डाकिया वह व्यक्ति होता है जो संदेश या पत्र पहुँचाता है। इसी प्रकार, कवि यहाँ पक्षी और बादलों को भगवान के संदेशवाहक के रूप में देखता है, जो एक जगह से दूसरी जगह संदेश ले जाते हैं।

जो एक महादेश से
दूसरे महादेश को जाते हैं।

यहाँ कवि कह रहे हैं कि पक्षी और बादल एक महादेश से दूसरे महादेश तक यात्रा करते हैं। महादेश का अर्थ बड़ा भू-भाग या देश से है। कवि कहना चाहते हैं कि ये पक्षी और बादल दूर-दूर तक जाकर संदेश पहुँचाते हैं।

हम तो समझ नहीं पाते हैं
मगर उनकी लायी चिट्ठियाँ

कवि बताते हैं कि मनुष्य उन चिट्ठियों को, यानी संदेशों को, सीधे-सीधे नहीं समझ पाते। ये संदेश प्रकृति से संबंधित होते हैं, जो हमारे समझ से परे होते हैं। चिट्ठियाँ यहाँ प्रतीकात्मक रूप से उन प्राकृतिक संकेतों के लिए हैं जो पक्षी और बादल लेकर आते हैं।

पेड़ पौधे पानी और पहाड़
बाँचते हैं।

इन चिट्ठियों को पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ पढ़ते हैं। यहाँ ‘बाँचते हैं’ का मतलब पढ़ना है। कवि कहना चाहते हैं कि ये प्राकृतिक तत्व पक्षियों और बादलों द्वारा लाए गए संदेशों को समझते हैं, जैसे वे इन संदेशों से जुड़े हों।

हम तो केवल यह आँकते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को सुगन्ध भेजती है।

मनुष्य केवल इतना ही अनुमान लगा सकते हैं कि एक देश की धरती दूसरे देश को अपनी सुगंध भेजती है। सुगंध यहाँ प्रतीक है उन प्राकृतिक संसाधनों और गुणों का, जो एक जगह से दूसरी जगह फैलते हैं, जैसे फूलों की खुशबू हवा के माध्यम से दूर तक पहुँच जाती है।

और वह सौरभ हवा में तैरते हुए
पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।

यह सुगंध (सौरभ) हवा में तैरती है और पक्षियों की पंखों पर बहती है। यानी, पक्षी और हवा के माध्यम से यह सुगंध एक जगह से दूसरी जगह पहुँच जाती है। यहाँ पक्षियों की पंखों को माध्यम माना गया है जो संदेश या सुगंध को दूर तक ले जाते हैं।

और एक देश का भाप
दूसरे देश में पानी
बनकर गिरता है।

कवि यहाँ प्राकृतिक चक्र की बात कर रहे हैं। एक देश में जो भाप बनती है, वह बादलों के रूप में दूसरे देश में पानी बनकर गिरती है। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रकृति के तत्वों का आदान-प्रदान निरंतर चलता रहता है, और यह पूरी दुनिया को आपस में जोड़ता है।

पाठ्य प्रश्न और उत्तर (textual questions and answers)

मौखिक प्रश्न

1. कवि ने पक्षी और बादल को भगवान् के डाकिये क्यों बताया है ?

उत्तर: कवि ने पक्षी और बादल को भगवान् के डाकिये इसलिए बताया है क्योंकि ये एक महादेश से दूसरे महादेश को जाते हैं और प्रकृति के संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं।

2. पक्षी और बादल द्वारा लायी गयी चिट्ठियों को कौन पढ़ता है ?

उत्तर: पक्षी और बादल द्वारा लायी गयी चिट्ठियों को पेड़ पौधे, पानी और पहाड़ पढ़ते हैं।

लिखित प्रश्न

1. पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़ पौधे पानी और पहाड़ क्या पढ़ पाते हैं ?

उत्तर: पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़ पौधे पानी और पहाड़ सुगन्ध और सौरभ को पढ़ पाते हैं, जो एक देश की धरती से दूसरे देश को भेजी जाती है।

2. पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को मनुष्य किस दृष्टि से देखते हैं ?

उत्तर: मनुष्य पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को केवल सुगन्ध के आदान-प्रदान के रूप में आँकते हैं, जो एक देश की धरती से दूसरे देश को भेजी जाती है और हवा में तैरती है।

3. ‘भगवान् के डाकिये’ कविता में कवि ने क्या व्यक्त किया है ?

उत्तर: ‘भगवान् के डाकिये’ कविता में कवि ने यह व्यक्त किया है कि पक्षी और बादल भगवान् के डाकिये हैं, जो एक महादेश से दूसरे महादेश को संदेश पहुँचाते हैं। ये संदेश पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ पढ़ पाते हैं और यह संदेश सुगन्ध और भाप के रूप में होते हैं, जो हवा में तैरते हुए एक देश से दूसरे देश तक पहुँचते हैं।

4. निम्नलिखित पद्यांशों की व्याख्या कीजिये-

(क) मगर उनकी लायी चिट्ठियाँ……….बाँचते हैं।

उत्तर: यह पंक्तियाँ ‘भगवान् के डाकिये’ कविता में से ली गई हैं, जिसे रामधारीसिंह ‘दिनकर’ ने रचा है। इन पंक्तियों में कवि यह बताता है कि पक्षी और बादल जो संदेश लाते हैं, उन्हें पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ पढ़ पाते हैं। ये संदेश मनुष्य समझ नहीं पाते, लेकिन प्रकृति के ये तत्व उन्हें बाँच लेते हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति आपस में किस प्रकार संवाद करती है।

(ख) एक देश की धरती………. पर तिरता है।

उत्तर: यह पंक्तियाँ ‘भगवान् के डाकिये’ कविता में से ली गई हैं, जिसे रामधारीसिंह ‘दिनकर’ ने रचा है। इन पंक्तियों में कवि यह कहता है कि एक देश की धरती की सुगन्ध हवा में तैरते हुए पक्षियों की पाँखों पर सवार होकर दूसरे देश तक पहुँचती है। यह प्रकृति का संदेश होता है, जो एक देश से दूसरे देश तक प्राकृतिक माध्यमों से पहुँचता है, जिसमें पक्षी और बादल मुख्य भूमिका निभाते हैं।

भाषा-अध्ययन

1. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध कीजिये-

(क) उसने रोने लगा।

उत्तर: उसने रोना शुरू किया।

(ख) बन्दूक एक उपयोगी शस्त्र है।

उत्तर: बन्दूक एक उपयोगी अस्त्र है।

(ग) आपका बाप दादा विद्वान था।

उत्तर: आपके पितामह विद्वान थे।

(घ) उसने हाथ जोड़ा।

उत्तर: उसने हाथ जोड़े।

(ङ) हम चाय पिये है।

उत्तर: हम चाय पी चुके हैं।

(च) गाड़ी पर बहुत भीड़ है।

उत्तर: गाड़ी में बहुत भीड़ है।

(छ) हम आपसे कहता हूँ।

उत्तर: मैं आपसे कहता हूँ।

(ज) मैं जूता को पहनता हूँ।

उत्तर: मैं जूता पहनता हूँ।

(झ) सड़क में भीड़ लगी है।

उत्तर: सड़क पर भीड़ लगी है।

(ञ) राम चिट्ठी लिखा।

उत्तर: राम ने चिट्ठी लिखी।

2. नीचे लिखे अनेक शब्दों के बदले एक शब्द लिखिये-

(क) जहाँ लोगों का मिलन हो

उत्तर: सभा

(ख) जहाँ नदियों का मिलन हो

उत्तर: संगम

(ग) समान उदर से जन्म लेनेवाला

उत्तर: सहोदर

(घ) जो विज्ञान जानता है

उत्तर: वैज्ञानिक

(ङ) जो किये गये उपकार को मानता हो

उत्तर: कृतज्ञ

3. नीचे लिखे वाक्यों का अनुवाद हिन्दी में कीजिये-

1. My friend went to Kohima.

उत्तर: मेरा दोस्त कोहिमा गया।

2. We are pleased to meet you.

उत्तर: आपसे मिलकर हमें खुशी हुई।

3. It is our duty to respect our parents.

उत्तर: अपने माता-पिता का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।

4. They refused to obey your order.

उत्तर: उन्होंने आपके आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया।

5. Everybody wants to make money without doing any work.

उत्तर: हर कोई बिना काम किये पैसे कमाना चाहता है।

6. He gave his property to both his son and daughter.

उत्तर: उसने अपनी संपत्ति अपने बेटे और बेटी दोनों को दी।

7. He lost his parents when he was young.

उत्तर: उसने अपने माता-पिता को बचपन में खो दिया।

अतिरिक्त (extras)

प्रश्न और उत्तर (questions and answers)

1. पक्षी और बादल किसके डाकिये हैं?

उत्तर: पक्षी और बादल भगवान् के डाकिये हैं, जो एक महादेश से दूसरे महादेश को जाते हैं।

2. पक्षी और बादल किनके लिए चिट्ठियाँ लाते हैं?

उत्तर: पक्षी और बादल पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ के लिए चिट्ठियाँ लाते हैं, जिन्हें वे बाँचते हैं, जबकि हम उन्हें समझ नहीं पाते हैं।

3. हम किस बात को आँकते हैं?

उत्तर: हम यह आँकते हैं कि एक देश की धरती दूसरे देश को सुगन्ध भेजती है, और वह सौरभ हवा में तैरते हुए पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।

4. एक देश की धरती क्या भेजती है?

उत्तर: एक देश की धरती दूसरे देश को सुगन्ध भेजती है, जो हवा में तैरते हुए पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।

5. एक देश का भाप दूसरे देश में किस रूप में पहुँचता है?

उत्तर: एक देश का भाप दूसरे देश में पानी बनकर गिरता है।

6. पक्षी और बादल
ये भगवान् के डाकिये हैं
जो एक महादेश से
दूसरे महादेश को जाते हैं।

उत्तर: यह पंक्तियाँ कविता “भगवान् के डाकिये” से ली गई हैं। कवि पक्षियों और बादलों को भगवान के संदेशवाहक या डाकिये के रूप में देखता है, जो महाद्वीपों के बीच संदेश पहुँचाते हैं। कवि यहाँ इन प्राकृतिक तत्वों को महत्वपूर्ण माध्यम मानता है, जिनके माध्यम से संसार के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ईश्वर का संवाद और सौंदर्य प्रसारित होता है। यह कवि का प्रकृति से जुड़ाव और उसकी व्यापकता का प्रतीक है।

7. हम तो समझ नहीं पाते हैं
मगर उनकी लायी चिट्ठियाँ
पेड़, पौधे, पानी और पहाड़
बाँचते हैं।

उत्तर: इन पंक्तियों में कवि यह बताता है कि मनुष्य उन संदेशों को नहीं समझ पाता जो पक्षी और बादल लेकर आते हैं। मगर प्रकृति के अन्य हिस्से जैसे पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ इन संदेशों को आसानी से समझ लेते हैं। यह मनुष्य की सीमित समझ और प्रकृति की गहरी समझ के बीच अंतर को दर्शाता है। यहाँ, कवि यह कहने की कोशिश कर रहा है कि प्रकृति अपने भीतर की भाषा में संवाद करती है, जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

8. हम तो केवल यह आँकते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को सुगन्ध भेजती है।

उत्तर: इन पंक्तियों में कवि इस विचार को व्यक्त कर रहा है कि एक देश की धरती से निकलने वाली सुगंध दूसरे देश तक पहुँचती है। यह सुगंध प्रतीकात्मक है और दिखाती है कि प्राकृतिक संसाधन और वातावरण कैसे देशों और सीमाओं से परे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यहाँ कवि प्राकृतिक सुंदरता और उसके प्रसार की बात करता है, जो भौगोलिक सीमाओं से परे है और संपूर्ण धरती पर समान रूप से बिखरी है।

9. और वह सौरभ हवा में तैरते हुए
पक्षियों की पाँखों पर तिरता है।

उत्तर: इन पंक्तियों में कवि हवा में तैरती हुई सुगंध का वर्णन कर रहा है, जो पक्षियों की पंखों पर यात्रा करती है। यह दृश्यात्मक रूप से पक्षियों और हवा के सामंजस्यपूर्ण तालमेल का प्रतीक है। यह प्रकृति के विभिन्न तत्वों के बीच की गहन अंतर्संबंधता को दर्शाता है। कवि यह कहना चाहता है कि पक्षियों और हवा के माध्यम से प्रकृति अपने संदेशों और सुगंध को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती है।

10. और एक देश का भाप
दूसरे देश में पानी
बनकर गिरता है।

उत्तर: इस पंक्ति में कवि प्राकृतिक जलचक्र की ओर इशारा कर रहा है, जहाँ एक देश का भाप बादल बनकर दूसरे देश में बारिश के रूप में गिरता है। यह प्राकृतिक संतुलन और पारस्परिकता का प्रतीक है, जहाँ जल वाष्पीकरण और वर्षा के माध्यम से विभिन्न स्थानों के बीच आदान-प्रदान होता है। यह कविता के मुख्य विचार को पुष्ट करता है कि प्रकृति की घटनाएँ सीमाओं से परे होती हैं और पूरे संसार को जोड़ती हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. पक्षी और बादल किसके डाकिये हैं?

(क) इंसानों के
(ख) भगवान् के
(ग) धरती के
(घ) पर्वतों के

उत्तर: (ख) भगवान् के

2. एक देश की धरती दूसरे देश को क्या भेजती है?

(क) पानी
(ख) सौरभ
(ग) भाप
(घ) बादल

उत्तर: (ख) सौरभ

3. पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ क्या पढ़ते हैं?

(क) चिट्ठियाँ
(ख) संदेश
(ग) विचार
(घ) किताबें

उत्तर: (क) चिट्ठियाँ

4. एक देश का भाप दूसरे देश में किस रूप में गिरता है?

(क) धूल
(ख) धुआँ
(ग) पानी
(घ) पत्तियाँ

उत्तर: (ग) पानी

5. भगवान् के डाकिये कहाँ जाते हैं?

(क) एक गाँव से दूसरे गाँव
(ख) एक महादेश से दूसरे महादेश
(ग) एक राज्य से दूसरे राज्य
(घ) एक शहर से दूसरे शहर

उत्तर: (ख) एक महादेश से दूसरे महादेश

6. सौरभ हवा में किस पर तैरता है?

(क) बादलों पर
(ख) पक्षियों की पाँखों पर
(ग) पेड़ों की शाखाओं पर
(घ) पहाड़ों पर

उत्तर: (ख) पक्षियों की पाँखों पर

7. हम क्या केवल आँकते हैं?

(क) पेड़ों की ऊँचाई
(ख) पत्तियों का रंग
(ग) एक देश की धरती से सुगन्ध
(घ) पक्षियों की उड़ान

उत्तर: (ग) एक देश की धरती से सुगन्ध

Ron'e Dutta

Ron'e Dutta

Ron'e Dutta is a journalist, teacher, aspiring novelist, and blogger who manages Online Free Notes. An avid reader of Victorian literature, his favourite book is Wuthering Heights by Emily Brontë. He dreams of travelling the world. You can connect with him on social media. He does personal writing on ronism.

1 comment

  1. Kagenou October 2, 2025 at 5:09 pm

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